BIOS Full Form | BIOS क्या है यह कंप्यूटर में कहाँ होता है

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BIOS क्या है, BIOS का फुल फॉर्म क्या होता है, BIOS Full Form in Hindi अगर आपके मन में भी इस तरह के सवाल है और आप इन सभी सवालों के जवाब की तलाश में हैं तो आप बिल्कुल सही जगह आयें है क्यूंकि आज के इस आर्टिकल में मैं आपको BIOS से जुड़ी सारी जानकारी देने वाला हूँ|

जैसा कि हम जानते हैं कि आज का हमारा आधुनिक युग कंप्यूटर का युग है अगर हम अपने चारो तरफ नज़र दौड़ा कर देखेंगे तो हम पायेंगे कि आज सभी क्षेत्रो में कंप्यूटर का प्रवेश हो गया है| बैंक, स्कूल, अस्पताल, इंडस्ट्रीज, बिज़नस, कैलकुलेशन, पैसे गिनने की मशीन सभी जगह कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है| टीचर, स्टूडेंट, गवर्नमेंट ये सभी कंप्यूटर का इस्तेमाल एंटरटेनमेंट या ऑफिस का काम ख़तम करने के लिए करते है| आज कंप्यूटर और इन्टरनेट के बिना जीवन जीना बहुत मुश्किल हो गया है| हमारे जीवन में कंप्यूटर कजा महत्व बहुत है|

जैसे मनुष्य के दिन की शुरुआत कंप्यूटर के बिना नहीं होती है ठीक उसी तरह एक ऐसा सॉफ्टवेर है जिसके बिना कंप्यूटर नहीं चल सकता है| उस सॉफ्टवेर का नाम BIOS है| अगर आप कंप्यूटर के स्टूडेंट है या फिर रह चुके हैं तो आपने इसके बारे में ज़रूर सुना होगा या फिर स्कूल या कॉलेज में इसके बारे में पढ़ा होगा|

आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि BIOS क्या होता है और इसके बिना कंप्यूटर क्यूँ नहीं चल सकता है इसके बारे में जानंगे|

BIOS क्या है : What is BIOS in Hindi

जब आप कंप्यूटर स्टार्ट करते हैं तो display पर जो पहली स्क्रीन दिखाई देती है वही BIOS होता है| यह motherboard के साथ जुड़ा एक software या firmware होता है जो आपके कंप्यूटर सिस्टम को शुरू करने में मदद करता है| यह कंप्यूटर का एक integral हिस्सा है और कंप्यूटर on होने पर शुरू होने वाला यह पहला सॉफ्टवेर है| इसके बिना कंप्यूटर स्टार्ट नहीं हो सकता है|

Operating System लोड करते समय बायोस Power On Self Test(POST) चलाता है यह कन्फर्म करने के लिए कि कंप्यूटर के सभी हार्डवेयर जैसे  RAM, Processor, Keyboard, Hard-drive, Mouse, USB Port, Soundcard, Videocard इत्यादि सभी सही स्तिथि में है और यह सभी पार्ट्स सही से काम कर रहे हैं या नहीं| फिर यह इन्हें configure करता है और इसके बाद ऑपरेटिंग सिस्टम लोड होती है और हमारा कंप्यूटर पूरी तरह से स्टार्ट हो जाता है जिसके बाद हम कोई भी प्रोग्राम या सॉफ्टवेर आसानी से रन कर सकते हैं|

अगर self test के दौरान कोई डिफेक्ट पाया जाता है तो BIOS उसे ठीक करने के लिए कंप्यूटर को एक कोड देता है| इस तरह के कोड एक beep के रूप में होते है जो कंप्यूटर को चालू करते समय सुनाई देता है| फिर कंप्यूटर automatically उस डिफेक्ट को सुधार कर स्टार्ट हो जाता है|

BIOS फुल फॉर्म : BIOS Full Form

BIOS का फुल फॉर्म Basic Input Output System होता है जो हमारे कंप्यूटर को स्टार्ट करने में मदद करता है| इसके बिना कंप्यूटर को स्टार्ट नहीं किया जा सकता है|

  • B : Basic
  • I : Input
  • O : Output
  • S : System

BIOS कंप्यूटर में कहाँ होता है

BIOS हमारे कंप्यूटर के ROM मेमोरी में स्थित होता है और कंप्यूटर के सभी hardware को पहचानता है| यह मुख्य रूप से कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम को boot करने का काम करता है| BIOS हर कंप्यूटर में पहले से ही install रहता है क्यूंकि CPU में बाकी सभी प्रोग्राम बायोस के बाद ही install हो पाते है| ये कंप्यूटर के Non-Volatile memory यानि ROM में install रहता है जो चिप हमारे कंप्यूटर के motherboard में लगा रहता है| इसे हम आसानी से delete नहीं कर सकते है हलांकि एक EEPROM (Electronically Erasable Programmable Read Only Memory) टाइप की मेमोरी होती है यानी जिसे इलेक्ट्रिकली erase किया जा सकता है|

Motherboard में CMOS नाम की एक चिप होती है जिसमें बायोस की सभी सेटिंग स्टोर रहती है| CMOS का पूरा नाम Complementary Metal Oxide Semiconductor होता है और यह एक बैटरी की तरह होती है| यह बायोस में स्टोर सभी सेटिंग को सुरक्षित रखता है और इसी के करण बायोस Computer Process Booting को शुरू करता है| CMOS एक छोटा सा सेल होता है इसी के करण ही कंप्यूटर का date, time और बाकी के basic जानकारी सेव रहती है| इस बैटरी के निकाल देने या ख़तम हो जाने पर बायोस सेटिंग reset हो जाता है|

आप सभी ने देखा होगा कि कंप्यूटर ऑफ हो जाने के बाद भी इसका date और time चेंज नहीं होता है ऐसा इसलिए होता है क्यूंकि date और time का सेटिंग BIOS में स्टोर रहता है और वह CMOS बैटरी से चलता है|

BIOS के क्या-क्या काम होते है

आपने अबतक यह तो जान ही लिया होगा कि बायोस क्या है और BIOS का पूरा नाम क्या है अन हम जानेंगे कि BIOS का मुख्य कार्य क्या होता है|

  • जब कंप्यूटर स्टार्ट होता है तो बायोस CMOS की सारी सेटिंग read करता है ताकि सभी सेटिंग सही से काम कर सके|
  • उसके बाद बायोस device-driver लोड करता है और operating system और connected devices के बीच एक ब्रिज का काम करता है ताकि सभी hardware devices सॉफ्टवेर के साथ interact कर सके|
  • इसके बाद बायोस हमारे CPU के सभी resistors को ठीक तरह से initialize करता है यानि उपयोग होने के लिए तैयार करता है|
  • Resistors तैयार करने के बाद सारे hardware जैसे keyboard, mouse आदि तो टेस्ट करता है इस प्रोसेस को POST यानी Power On Self Test कहते है|
  • उसके बाद बायोस एक bootable माध्यम खोजता है और फिर उसी माध्यम को read करके ज़रूरी files को RAM में लोड करता है और इसके बाद ही हमारा कंप्यूटर स्टार्ट होता है|

BIOS को access कैसे करें

बहुत सारे key combination का उपयोग करके बायोस को access किया जाता है| बायोस access करने के लिए सबसे पहले आपको अपना कंप्यूटर restart करना होगा| restart करने के बाद keyboard shortcut keys F2, F12, Esc, Delete बटन में से किसी एक को तुरंत प्रेस करना होता है|

ऐसा करते ही कंप्यूटर में बायोस सेटिंग open हो जायेगा जहाँ से बायोस में जितने भी सेटिंग है आप वहां से देख सकते है और बदलाव भी कर सकते है| BIOS को access करने के लिए आपको एक बात का ध्यान रखना है कि कंप्यूटर restart होने के बाद window लोगों आने से पहले ही आपको shortcut keys को प्रेस करना है तभी बायोस सेटिंग open होगी| BIOS सेटिंग से बहार निकलना के लिए F10 key प्रेस किया जाता है|

BIOS को update कैसे करें

बहुत बार ऐसा होता है कि PC सही से काम नहीं करते या फिर उसके input device और output device सही से काम नहीं करते है ऐसा बायोस update न होने की वजह से भी होता है| यदि आपका कंप्यूटर नए software या hardware के फंक्शन को उपयोग करने में सक्षम नहीं है तो बायोस update की आवशयकता होती है| BIOS को update करने से उसमे अतिरिक्त फंक्शन जुड़ते हैं और सभी errors और bugs को ठीक करता है| BIOS अपडेट करने के लिए आप इन्टरनेट से पता कर सकते हैं कि आपके pc का latest BIOS version कौन सा है और आपके pc में कौन से version का बायोस install है|

BIOS version कैसे चेक करें :  अगर आपको नहीं पता है कि कैसे BIOS version चेक करते है तो इसके लिए आपके बायोस सेटिंग में जाकर इसका version चेक कर सकते है| अगर आपसे बायोस सेटिंग नहीं खुल रही है तो desktop स्क्रीन पर आकर window key के साथ R key (window + R) को प्रेस करें| उसके बाद आपके सामने run command window खुलेगा जिसमें आपको msinfo32 टाइप करना है और enter key प्रेस करना है| इसके बाद आपके सामने एक window open होगा जिसमे आपको आपके कंप्यूटर से related सारी जानकारी मिल जायेगी और इसमें ही आपको BIOS version के बारे में भी पता चल जाएगा|

BIOS version चेक करने के बाद आप आपके कंप्यूटर के manufacturer के वेबसाइट से बायोस का नया version डाउनलोड करके install कर सकते हैं| यह बहुत ही आसान होता है लेकिन इससे जुड़े instruction को ध्यान से पढ़ने के बाद ही बायोस को update करें नहीं तो आपके कंप्यूटर का बायोस crash भी हो सकता है|

निष्कर्ष :

दोस्तों, आज के आर्टिकल में मैंने आपको BIOS से जुड़ी सारी जानकारी दी जैसे बायोस क्या है, BIOS Full Form, यह कंप्यूटर में कहाँ होता है, इसका क्या-क्या काम होता है, इसे कैसे access करते है और इसे कैसे update करते है| मुझे उम्मीद है आपको बायोस के बारे में पूरी जानकरी हो गई होगी| मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है कि हमारे आर्टिकल के ज़रिये आपको दी गई विषयों पर पूरी जानकारी प्राप्त हो सके ताकि आपको कहीं और जाने की ज़रुरत नहीं हो|

अगर आपको BIOS Full Form इस आर्टिकल से related कोई भी सवाल हो तो आप नीचे कमेंट में लिखकर ज़रूर बताएं ताकि हम आपकी परेशानी को जल्द से जल्द दूर करें और अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को ज़रूर शेयर करें|

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